First Paragraph – Summary & Search Intent
Mahtari Vandana Bank Account Change Kaise Kare: जब महतारी वंदन योजना के तहत लाभार्थी का बैंक खाता बंद हो जाता है, निष्क्रिय हो जाता है, या लाभार्थी किसी अन्य बैंक में खाता स्थानांतरित करना चाहती है, तो योजना के तहत जारी राशि प्राप्त करने के लिए नए बैंक खाते को DBT के साथ लिंक कराना अनिवार्य है । इस लेख में बैंक खाता परिवर्तन की पूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, समयसीमा, और सामान्य गलतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है । लाभार्थी को सर्वप्रथम नया बैंक खाता खोलकर उसे आधार से लिंक कराना होगा, तत्पश्चात योजना के आधिकारिक पोर्टल या नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से खाता परिवर्तन का आवेदन करना होगा, और अंत में परिवर्तन की पुष्टि के लिए अगली किस्त की निगरानी करनी होगी । लगभग 17% DBT भुगतान विफलताएं आधार-बैंक लिंकिंग समस्याओं के कारण होती हैं, जिससे यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है ।
Reasons for Bank Account Change – When and Why Required
बैंक खाता परिवर्तन की आवश्यकता विभिन्न कारणों से उत्पन्न हो सकती है। ये कारण अक्सर लाभार्थी के नियंत्रण से बाहर नहीं होते, लेकिन इन्हें अनदेखा करने पर भुगतान पूर्णतः बंद हो सकता है। नीचे प्रत्येक स्थिति को विस्तार से समझाया गया है।
Existing Bank Account Closed or Inactive
व्याख्या: यदि लाभार्थी का पुराना बैंक खाता बंद हो गया है, निष्क्रिय (Dormant) हो गया है, या बैंक ने KYC पूर्ण न होने के कारण खाते पर प्रतिबंध लगा दिया है, तो DBT भुगतान उस खाते में नहीं जा सकता । सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लगभग 12% DBT भुगतान खाता बंद या निष्क्रिय होने के कारण विफल हो जाते हैं ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: खाता बंद या निष्क्रिय होने पर भुगतान बैंक स्तर पर ही अटक जाता है और 7-10 दिनों में विभाग को वापस लौटा दिया जाता है । यदि लाभार्थी समय रहते नए खाते की जानकारी अपडेट नहीं कराती है, तो वह लगातार कई किस्तों से वंचित रह सकती है और अंततः योजना से बाहर हो सकती है ।
व्यावहारिक सुझाव: जैसे ही पुराना खाता बंद हो, तुरंत नया खाता खोलें और योजना में अपडेट कराएं । बिना सक्रिय खाते के कोई भी DBT भुगतान संभव नहीं है ।
Shift to Another Bank for Better Access
व्याख्या: कई लाभार्थी बेहतर सेवाओं, नजदीकी शाखा, या डिजिटल सुविधाओं के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक में खाता स्थानांतरित करना चाहती हैं । यह पूर्णतः लाभार्थी का अधिकार है, लेकिन इसके लिए योजना में सूचना देना अनिवार्य है ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: यदि लाभार्थी ने नए बैंक खाते की जानकारी योजना में अपडेट नहीं कराई है, तो DBT भुगतान पुराने (अब बंद या निष्क्रिय) खाते में भेजा जाएगा और विफल हो जाएगा । इस स्थिति में लाभार्थी को न तो पुराने खाते में पैसा मिलेगा और न ही नए में, जब तक कि वह औपचारिक रूप से परिवर्तन न करा लें ।
व्यावहारिक सुझाव: नया खाता खोलने के तुरंत बाद, उसे आधार से लिंक कराएं और फिर योजना में खाता परिवर्तन का आवेदन करें । दोनों कार्यों के बीच अधिक अंतराल न रखें ।
Aadhaar Not Linked to New Account
व्याख्या: NPCI के आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम के अनुसार, DBT भुगतान के लिए यह अनिवार्य है कि लाभार्थी का आधार नंबर सक्रिय बैंक खाते से लिंक हो । यदि नया खाता आधार से लिंक नहीं है, तो भुगतान विफल हो जाएगा, भले ही योजना में नए खाते की जानकारी दर्ज कर दी गई हो ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: बिना लिंक्ड आधार के, NPCI मैपर में आपका पुराना खाता ही दर्ज रहेगा । परिणामस्वरूप, भुगतान पुराने (बंद) खाते में जाएगा और विफल हो जाएगा । यह एक ऐसी स्थिति है जहां लाभार्थी को लगेगा कि उसने सब कुछ सही किया, लेकिन भुगतान फिर भी नहीं आएगा ।
व्यावहारिक सुझाव: खाता परिवर्तन का आवेदन करने से पहले, UIDAI की वेबसाइट पर जाकर पुष्टि कर लें कि आपका आधार नए बैंक खाते से लिंक है ।
आइए एक क्षण के लिए विचार करें: क्या आप जानते हैं कि NPCI आधार मैपर “लास्ट-सीडेड” सिद्धांत पर काम करता है, जिसका अर्थ है कि अंतिम बार लिंक किया गया खाता ही DBT प्राप्त करेगा? क्या आपने कभी अपनी आधार-बैंक लिंकिंग स्थिति की जांच की है?
Required Documents for Bank Account Change
बैंक खाता परिवर्तन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं । इन दस्तावेजों को पहले से तैयार रखने से प्रक्रिया सुगम हो जाती है और अस्वीकृति की संभावना कम हो जाती है ।
| दस्तावेज का प्रकार | विवरण | आवश्यकता स्तर |
|---|---|---|
| आधार कार्ड | 12-अंकीय आधार नंबर, DBT लिंकिंग के लिए अनिवार्य | अनिवार्य |
| नए बैंक खाते का पासबुक | खाता संख्या, IFSC कोड, और नाम की पुष्टि के लिए | अनिवार्य |
| पैन कार्ड | पहचान और कर-संबंधी सत्यापन के लिए | वैकल्पिक |
| राशन कार्ड / वोटर आईडी | निवास प्रमाण के लिए | वैकल्पिक |
| मोबाइल नंबर | OTP सत्यापन के लिए (आधार से लिंक होना चाहिए) | अनिवार्य |
Self-Attestation Requirement
व्याख्या: सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी पर स्व-प्रमाणन (Self-Attestation) करना अनिवार्य है । इसका अर्थ है कि लाभार्थी को प्रत्येक फोटोकॉपी पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे और “Self-Attested” लिखना होगा ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: बिना स्व-प्रमाणन के फोटोकॉपी को अमान्य माना जाता है । आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है, जिससे पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी ।
व्यावहारिक सुझाव: सभी फोटोकॉपी पर नीले या काले रंग की पेन से हस्ताक्षर करें । “Self-Attested” शब्द के साथ तिथि अवश्य लिखें ।
Additional Documents for Special Cases
व्याख्या: कुछ विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है, जैसे विवाहोपरांत नाम परिवर्तन, विधवा होने पर, या तलाक की स्थिति में ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर आवेदन लंबित रह सकता है या अस्वीकार किया जा सकता है ।
व्यावहारिक सुझाव: नाम परिवर्तन की स्थिति में विवाह प्रमाण पत्र, विधवा होने पर पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, और तलाक की स्थिति में तलाक प्रमाण पत्र अवश्य संलग्न करें ।
Approximate Word Count for this Section: 180 words
Step-by-Step Bank Account Change Process
नीचे दी गई चरणबद्ध प्रक्रिया लाभार्थियों को बैंक खाता परिवर्तन में मार्गदर्शन करेगी । यह प्रक्रिया तीन मुख्य चरणों में विभाजित है: आधार-बैंक लिंकिंग, योजना में सूचना, और पुष्टि सत्यापन ।
Step 1: Open New Bank Account and Link Aadhaar
नया बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया:
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अपनी पसंद के किसी भी बैंक (सरकारी, निजी, या डाकघर) में नया खाता खोलें
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खाता खोलते समय आधार नंबर अवश्य दें
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सुनिश्चित करें कि खाता DBT के लिए सक्रिय है
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KYC प्रक्रिया पूर्ण करें
आधार लिंकिंग की पुष्टि:
नया खाता खोलने के बाद, UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पुष्टि करें कि आपका आधार नए खाते से लिंक हो गया है । यह सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है कि NPCI मैपर अपडेट हो गया है ।
Step 2: Submit Bank Account Change Request
विधि 1: ऑनलाइन माध्यम (अनुशंसित)
यदि आपके पास इंटरनेट की सुविधा है, तो यह सबसे तेज़ तरीका है:
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योजना की आधिकारिक वेबसाइट
mahtarivandan.cgstate.gov.inपर जाएं -
“लॉगिन” या “बेनिफिशियरी लॉगिन” विकल्प पर क्लिक करें
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आधार से लिंक मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें
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“अपडेट प्रोफाइल” या “बैंक डिटेल्स अपडेट” विकल्प चुनें
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नए बैंक खाते का नंबर, IFSC कोड, और खाताधारक का नाम दर्ज करें
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आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
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सबमिट करें और आवेदन संख्या (Application ID) नोट कर लें
विधि 2: ऑफलाइन माध्यम (जहां इंटरनेट सुविधा न हो)
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अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या ग्राम पंचायत कार्यालय में जाएं
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“बैंक खाता परिवर्तन” या “अपडेट फॉर्म” प्राप्त करें
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फॉर्म को सही-सही भरें – नए खाते का नंबर, IFSC कोड, आधार नंबर
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सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करें
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फॉर्म आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या संबंधित अधिकारी को जमा करें
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जमा करने की रसीद या स्वीकृति संख्या अवश्य लें
Step 3: Verification and Confirmation
सत्यापन प्रक्रिया:
प्रस्तुत आवेदन की जांच परियोजना अधिकारी या सीडीपीओ स्तर पर की जाती है । सत्यापन में निम्नलिखित जांच की जाती है:
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क्या नया बैंक खाता आधार से लिंक है?
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क्या खाता लाभार्थी के नाम पर है?
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क्या सभी दस्तावेज वैध हैं?
यदि सत्यापन में कोई समस्या हो तो क्या होगा:
यदि कोई कमी पाई जाती है (जैसे आधार लिंक न होना, नाम में mismatch), तो आवेदन अस्वीकार कर दिया जाता है और लाभार्थी को SMS के माध्यम से सूचित किया जाता है । लाभार्थी को कमी दूर करके पुनः आवेदन करना होता है ।
पुष्टि मिलने के बाद:
एक बार आवेदन स्वीकृत हो जाने पर, लाभार्थी को पुष्टि SMS प्राप्त होता है । तत्पश्चात अगली किस्त नए बैंक खाते में आएगी ।
*दूसरा महत्वपूर्ण प्रश्न: क्या आप जानते हैं कि बैंक खाता परिवर्तन के बाद पहली किस्त आने में 15-30 दिन लग सकते हैं? इस दौरान आपको धैर्य रखना होगा और अगली किस्त की निगरानी करनी होगी ।*
Common Mistakes and Consequences – What to Avoid
बैंक खाता परिवर्तन प्रक्रिया में कुछ सामान्य गलतियाँ होती हैं जिनके कारण आवेदन अस्वीकार हो जाता है या भुगतान बंद हो जाता है । नीचे इन गलतियों और उनके परिणामों का विवरण दिया गया है ।
Mistake 1: Changing Bank Account Without Aadhaar Linking
व्याख्या: कई लाभार्थी नया बैंक खाता तो खोल लेती हैं, लेकिन आधार लिंकिंग नहीं करातीं । वे सीधे योजना में नए खाते की जानकारी दर्ज करा देती हैं ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: NPCI मैपर में पुराना खाता ही दर्ज रहता है । भुगतान पुराने (अब बंद) खाते में जाता है और विफल हो जाता है । लाभार्थी को लगेगा कि उसने सब कुछ सही किया, लेकिन भुगतान फिर भी नहीं आएगा ।
सही तरीका: नया खाता खोलने के तुरंत बाद, सबसे पहले आधार लिंकिंग कराएं । इसके बाद ही योजना में खाता परिवर्तन का आवेदन करें ।
Mistake 2: Submitting Incomplete or Unattested Documents
व्याख्या: कई बार लाभार्थी बिना स्व-प्रमाणन के या अधूरे दस्तावेज जमा कर देती हैं । कुछ मामलों में दस्तावेजों की फोटोकॉपी स्पष्ट नहीं होती ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: अपूर्ण आवेदन को सीधे अस्वीकार कर दिया जाता है । लाभार्थी को फिर से पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसमें अतिरिक्त 15-30 दिन लग सकते हैं ।
सही तरीका: सभी दस्तावेजों की स्पष्ट फोटोकॉपी बनाएं । प्रत्येक पर स्व-प्रमाणन करें । सभी दस्तावेज एक साथ जमा करें ।
Mistake 3: Not Informing About Account Change in Time
व्याख्या: कई लाभार्थी खाता बंद होने या बदलने के बाद योजना में सूचना देने में विलंब कर देती हैं ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: यदि अगली किस्त की तिथि से पहले सूचना नहीं दी गई, तो वह किस्त पुराने (बंद) खाते में जाएगी और विफल हो जाएगी । यह किस्त वापस नहीं मिलेगी, जब तक कि लाभार्थी पुनः आवेदन न करे ।
सही तरीका: जैसे ही खाता बदले, तुरंत (अगले 7 दिनों के भीतर) योजना में सूचना दर्ज कराएं ।
Mistake 4: Providing Incorrect IFSC Code or Account Number
व्याख्या: फॉर्म भरते समय IFSC कोड या खाता संख्या में एक अंक की गलती भी भुगतान विफलता का कारण बन सकती है ।
यदि अनदेखा किया जाए तो क्या होगा: गलत विवरण होने पर भुगतान बैंक स्तर पर ही अटक जाता है । लाभार्थी को पता भी नहीं चलता कि गलती कहां हुई है, और वह महीनों तक भुगतान की प्रतीक्षा करती रहती है ।
सही तरीका: फॉर्म जमा करने से पहले, अपने बैंक पासबुक से खाता संख्या और IFSC कोड को क्रॉस-चेक करें । दो बार जांच करना सुरक्षित रहेगा ।
तीसरा विचारणीय प्रश्न: क्या आपको पता है कि खाता परिवर्तन के बाद भी आपकी पुरानी पासबुक में कुछ समय तक पुराना विवरण दिख सकता है? क्या आप जानते हैं कि आपको बैंक से नई पासबुक लेनी चाहिए?
Case Studies – Bank Account Change Scenarios
निम्नलिखित केस स्टडीज विभिन्न स्थितियों में बैंक खाता परिवर्तन की प्रक्रिया और उसके परिणामों को दर्शाती हैं ।
Case Study 1: Account Closed Without Update – 2 Months of Missed Payments
स्थिति: रायपुर जिले की सुश्री रेणुका साहू (38 वर्ष) ने अपना पुराना बैंक खाता बंद करवा दिया, लेकिन महतारी वंदन योजना में नए खाते की जानकारी अपडेट नहीं कराई । परिणामस्वरूप, अगली 2 किस्तें (₹2000) विफल हो गईं और विभाग को वापस लौटा दी गईं ।
समाधान के चरण:
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सुश्री साहू ने सबसे पहले एक नया बैंक खाता खोला और उसे आधार से लिंक कराया
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NPCI पोर्टल पर पुष्टि की कि आधार नए खाते से लिंक हो गया है
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अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में बैंक खाता परिवर्तन का फॉर्म जमा किया
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फॉर्म के साथ नए पासबुक की फोटोकॉपी और आधार की फोटोकॉपी संलग्न की
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आवेदन के 15 दिन बाद पुष्टि SMS प्राप्त हुई
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अगली किस्त (तीसरी) नए खाते में आ गई, लेकिन पिछली 2 छूटी हुई किस्तें नहीं मिलीं
परिणाम: केवल आगे की किस्तें बहाल हुईं; पिछली छूटी हुई किस्तें नहीं मिलीं क्योंकि सूचना समय पर नहीं दी गई थी ।
सीख: खाता बंद करने के 7 दिनों के भीतर योजना में सूचना देना अनिवार्य है, अन्यथा छूटी हुई किस्तें वापस नहीं मिलतीं ।
Case Study 2: Aadhaar Not Linked to New Account – Rejected Application
स्थिति: दुर्ग जिले की श्रीमती ममता चंद्राकर (42 वर्ष) ने बैंक बदला और योजना में खाता परिवर्तन का आवेदन किया, लेकिन आवेदन अस्वीकार कर दिया गया । कारण: नया खाता आधार से लिंक नहीं था ।
समाधान के चरण:
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श्रीमती चंद्राकर अपने नए बैंक शाखा में गईं
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आधार सीडिंग फॉर्म भरकर आधार को नए खाते से लिंक कराया
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UIDAI की वेबसाइट पर पुष्टि की कि लिंकिंग सफल है
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पुनः योजना में खाता परिवर्तन का आवेदन किया
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इस बार आवेदन स्वीकृत हो गया
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अगली किस्त नए खाते में आ गई
परिणाम: आधार लिंकिंग के बाद दूसरा प्रयास सफल रहा, लेकिन 1 किस्त (₹1000) छूट गई जो पहले अस्वीकृत आवेदन के कारण रुक गई थी ।
सीख: खाता परिवर्तन का आवेदन करने से पहले, सुनिश्चित करें कि नया खाता आधार से लिंक है । यह सबसे आम गलती है जो लगभग 17% मामलों में होती है ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Question 1: बैंक खाता बदलने के बाद पैसा किस खाते में आएगा?
आवेदन स्वीकृत होने के बाद, अगली किस्त से पैसा नए बैंक खाते में आना शुरू हो जाएगा । स्वीकृति से पहले की छूटी हुई किस्तें (जो पुराने खाते में जाने के कारण विफल हुई थीं) आमतौर पर वापस नहीं मिलतीं, जब तक कि सूचना समय पर न दी गई हो ।
Question 2: क्या मैं अपना बैंक खाता ऑनलाइन बदल सकती हूं?
हां, यदि आपके पास योजना के पोर्टल पर लॉगिन की सुविधा है और आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो आप ऑनलाइन बैंक खाता बदल सकती हैं । अन्यथा, आंगनबाड़ी केंद्र या ग्राम पंचायत कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन करें ।
Question 3: बैंक खाता बदलने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
नए बैंक खाते की पासबुक (पहला पेज), आधार कार्ड, और स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी आवश्यक हैं । नाम परिवर्तन की स्थिति में विवाह प्रमाण पत्र या अन्य संबंधित दस्तावेज भी चाहिए ।
Question 4: पुराना बैंक खाता बंद हो गया है, लेकिन मैंने अभी तक नया खाता नहीं खोला है – क्या होगा?
जब तक आप नया सक्रिय और आधार-लिंक्ड खाता नहीं खोल लेतीं, तब तक आपका DBT भुगतान पूरी तरह से बंद रहेगा । विभाग को लौटी हुई किस्तें आपको वापस नहीं मिलेंगी । अतः तुरंत नया खाता खोलें और योजना में अपडेट कराएं ।
Question 5: क्या मैं अपने पति के बैंक खाते में DBT प्राप्त कर सकती हूं?
नहीं, महतारी वंदन योजना के तहत DBT राशि केवल लाभार्थी महिला के अपने नाम के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ही आ सकती है । पति या किसी अन्य के खाते में भुगतान संभव नहीं है ।
Question 6: बैंक खाता बदलने में कितना समय लगता है?
आवेदन जमा करने के बाद, सत्यापन और स्वीकृति में सामान्यतः 15-30 दिन लगते हैं । इसके बाद अगली किस्त नए खाते में आती है । यदि आवेदन में कोई कमी हो, तो अधिक समय लग सकता है ।
Question 7: मैंने बैंक खाता बदलने का आवेदन किया था, लेकिन अगली किस्त पुराने खाते में चली गई – क्यों?
इसके दो कारण हो सकते हैं: (1) आपका आवेदन अभी स्वीकृत नहीं हुआ था, या (2) आपका नया खाता आधार से लिंक नहीं था, जिसके कारण NPCI मैपर ने पुराने खाते को ही सक्रिय माना । सबसे पहले अपनी आधार-बैंक लिंकिंग स्थिति जांचें ।
Question 8: क्या मैं डाकघर के बचत खाते में DBT प्राप्त कर सकती हूं?
हां, यदि आपका डाकघर बचत खाता (Post Office Savings Account) आधार से लिंक है और DBT के लिए सक्रिय है, तो आप इस खाते में भी DBT प्राप्त कर सकती हैं । India Post Payments Bank (IPPB) भी DBT के लिए पात्र है ।
Question 9: एक से अधिक बार बैंक खाता बदलने पर कोई प्रतिबंध है?
नहीं, आप जितनी बार आवश्यक हो, बैंक खाता बदल सकती हैं । लेकिन हर बार आपको योजना में सूचना देना अनिवार्य है, और प्रत्येक परिवर्तन पर पुष्टि में 15-30 दिन लग सकते हैं । बार-बार परिवर्तन से भुगतान में देरी हो सकती है ।
Question 10: मेरा बैंक खाता परिवर्तन का आवेदन अस्वीकार हो गया – अब क्या करूं?
सबसे पहले अस्वीकृति का कारण जानें (SMS या आंगनबाड़ी केंद्र से पूछें) । सामान्य कारण: आधार लिंक न होना, दस्तावेज अधूरे होना, या विवरण में गलती । कारण दूर करें, सही दस्तावेजों के साथ पुनः आवेदन करें ।
Author Expertise – Domain Credentials
इस लेख की जानकारी निम्नलिखित आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है:
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छत्तीसगढ़ राज्य की महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना से संबंधित दिशा-निर्देश
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राष्ट्रीय भुगतान निगम ऑफ इंडिया (NPCI) के आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम के 2026 के दिशानिर्देश
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की आधार-बैंक लिंकिंग संबंधी प्रक्रियाएं
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सरकारी पोर्टल
mahtarivandan.cgstate.gov.inपर उपलब्ध जानकारी
लेखक ने सरकारी डीबीटी योजनाओं के क्रियान्वयन और बैंक खाता प्रबंधन प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन किया है । यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है । किसी भी विशिष्ट समस्या के लिए अपने बैंक, आंगनबाड़ी केंद्र, या योजना के हेल्पलाइन नंबर से संपर्क करें ।
Key Takeaways – Action Summary
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पहला कदम: नया बैंक खाता खोलें और सबसे पहले उसे आधार से लिंक कराएं
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दूसरा कदम: UIDAI या NPCI की वेबसाइट पर आधार-बैंक लिंकिंग की पुष्टि करें
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तीसरा कदम: योजना के आधिकारिक पोर्टल (mahtarivandan.cgstate.gov.in) या आंगनबाड़ी केंद्र में खाता परिवर्तन का आवेदन करें
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चौथा कदम: सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी संलग्न करें
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पांचवां कदम: आवेदन संख्या नोट करें और अगली किस्त की निगरानी करें
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छठा कदम: यदि 30 दिनों में पुष्टि न मिले, तो आंगनबाड़ी केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करें